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बाबा खाटू श्याम जी
हारे का सहारा
कथा — बर्बरीक से श्याम तक
महाभारत काल में बर्बरीक भीम के पौत्र और घटोत्कच के पुत्र थे। उन्होंने तपस्या से तीन अमोघ बाण प्राप्त किए। युद्ध से पूर्व श्री कृष्ण ने ब्राह्मण वेश में उनसे शीश दान माँगा। बर्बरीक ने सहर्ष अपना शीश अर्पित किया। प्रसन्न होकर श्री कृष्ण ने उन्हें वरदान दिया कि कलियुग में वे "श्याम" नाम से पूजे जाएँगे और हारे हुओं के सहारा बनेंगे।
खाटू मंदिर
राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू श्याम जी का मंदिर भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। फाल्गुन मास में यहाँ विश्व प्रसिद्ध फाल्गुन मेला लगता है जिसमें लाखों श्रद्धालु बाबा के दर्शन हेतु पधारते हैं।
आरती समय
🪔प्रातः मंगला आरती - 5:30 AM
🪔श्रृंगार आरती - 8:00 AM
🪔भोग आरती - 12:30 PM
🪔सायं संध्या आरती - 7:00 PM